आपके पास हैं 2.7 लाख तो शुरू करें ये बिजनेस, मंथली 25 हजार हो सकती है इनकम
आपके पास हैं 2.7 लाख तो शुरू करें ये बिजनेस, मंथली 25 हजार हो सकती है इनकम
22 Sep.2017
नई दिल्ली. कम पैसे में भी बिजनेस शुरू कर हर महीने अच्छी कमाई की जा सकती है। मोदी सरकार मुद्रा स्कीम के तहत छोटे बिजनेस शुरू करने के लिए फाइनेंशियल मदद भी दे रही है। इसी स्कीम के तहत यदि आपके पास 2 लाख रुपए हैं, तो आप सरकार की मदद से कम्प्यूटर एसेम्बलिंग का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इस बिजनेस को शुरू करने में सरकार की तरफ से आपको 70 फीसदी फंड यानी 6 लाख रुपए से ज्यादा की मदद मिल जाएगी।
कम्प्यूटर एसेम्बलिंग बिजनेस के लिए सरकार जो स्ट्रक्चरिंग की है, उस हिसाब से आपको सभी खर्च काटने के बाद सालाना 3.01 लाख रुपए यानी हर महीने करीब 25 हजार रुपए तक शुद्ध मुनाफा हो सकता है। बिजनेस शुरू करने में पूरा खर्च 8-9 लाख रुपए होगा।
कितना आएगा खर्च?
प्रोजेक्ट का टोटल खर्च: 8.99 लाख रुपए
फिक्स्ड कैपिटल: 1 लाख रुपए (इसमें किराए का लैंड या बिल्डिंग और हर तरह की मशीनरी व इक्यूपमेंट का खर्च शामिल है।)
वर्किंग कैपिटल: 7.99 लाख रुपए
नोट: इसमें रॉ-मटेरियल जैसेकि मदर बोर्ड, एटीएक्स कैबनेट, माउस, की-बोर्ड, मॉनिटर और लेबर कॉस्ट, पैकेजिंग, इलेक्ट्रिसिटी चार्ज, रेंट, ट्रांसपोर्टिंग आदि का खर्च शामिल है।
22 Sep.2017
नई दिल्ली. कम पैसे में भी बिजनेस शुरू कर हर महीने अच्छी कमाई की जा सकती है। मोदी सरकार मुद्रा स्कीम के तहत छोटे बिजनेस शुरू करने के लिए फाइनेंशियल मदद भी दे रही है। इसी स्कीम के तहत यदि आपके पास 2 लाख रुपए हैं, तो आप सरकार की मदद से कम्प्यूटर एसेम्बलिंग का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इस बिजनेस को शुरू करने में सरकार की तरफ से आपको 70 फीसदी फंड यानी 6 लाख रुपए से ज्यादा की मदद मिल जाएगी।
कम्प्यूटर एसेम्बलिंग बिजनेस के लिए सरकार जो स्ट्रक्चरिंग की है, उस हिसाब से आपको सभी खर्च काटने के बाद सालाना 3.01 लाख रुपए यानी हर महीने करीब 25 हजार रुपए तक शुद्ध मुनाफा हो सकता है। बिजनेस शुरू करने में पूरा खर्च 8-9 लाख रुपए होगा।
कितना आएगा खर्च?
प्रोजेक्ट का टोटल खर्च: 8.99 लाख रुपए
फिक्स्ड कैपिटल: 1 लाख रुपए (इसमें किराए का लैंड या बिल्डिंग और हर तरह की मशीनरी व इक्यूपमेंट का खर्च शामिल है।)
वर्किंग कैपिटल: 7.99 लाख रुपए
नोट: इसमें रॉ-मटेरियल जैसेकि मदर बोर्ड, एटीएक्स कैबनेट, माउस, की-बोर्ड, मॉनिटर और लेबर कॉस्ट, पैकेजिंग, इलेक्ट्रिसिटी चार्ज, रेंट, ट्रांसपोर्टिंग आदि का खर्च शामिल है।

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