राम रहीम के कारण जेल में खड़ी हुई नई मुसीबत, कई कैदियों की जान पर बनी
Follow
गुरमीत राम रहीम
साध्वी रेप केस सजा काट रहे राम रहीम के कारण रोहतक सुनारिया जेल में नई मुसीबत खड़ी हो गई है। दरअसल, कई कैदियों की जान पर बन गई है। राम रहीम के चक्कर में सुनारिया जेल में बंद अन्य कैदियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां एक माह में दो बार पीजीआईएमएस के मनोचिकित्सक मनोरोगियों की जांच करने जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है।
वीरवार को जेल में कैदियों की जांच का दिन था, लेकिन जेल की गाड़ी पीजीआईएमएस डॉक्टरों को लेने के लिए ही नहीं आई और डॉक्टरों की टीम तैयार हो कर देर सायं तक इंतजार करती रही। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग से हर माह दो बार तीन डॉक्टरों की टीम जेल में बंद मनोरोगियों की जांच करने के लिए जाती है। विभाग की मानें तो जेल में तकरीबन 50 कैदियों को मनोरोग संबंधी समस्या है।
उनकी जांच कराने के लिए अकसर जेल प्रशासन पीजीआईएमएस में अपनी गाड़ी भेजता है, इस पर जा कर डॉक्टर उनके मरीजों की जांच करते हैं। इसके साथ ही जेल की गाड़ी डॉक्टरों को वापस छोड़ कर जाती है। अब जेल प्रशासन को अपने कैदियों को ओपीडी में जांच करवाने के लिए लाना पडे़गा। यह जेल प्रशासन के लिए संभव नहीं होगा, क्योंकि एक साथ इतने मनोरोगियों को जांच के लिए लाना जेल प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा।
जेल में बंद कैदियों में कुछ तनाव से ग्रस्त हैं तो कुछ नशे के आदी हैं, यदि उनको समय पर उपचार न मिले तो समस्या होने लगती है। इन रोगियों का उपचार कोई सामान्य डॉक्टर भी नहीं कर सकता, इसके लिए स्पेशल मनोचिकित्सक ही भेजे जाते हैं।
जेल के डॉक्टर का कार्यकाल समाप्त, मांगे डॉक्टर
Ram Rahim
जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से जेल में बंद कैदियों की स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टरों की डिमांड की है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दो डॉक्टरों का रोस्टर तैयार किया है। सूत्रों की मानें तो जेल में तैनात डॉक्टर का कार्यकाल पूरा हो गया है, इसके चलते जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर मांगे हैं।
वहीं इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों में रोष है कि वह जेल में जांच के लिए तो जाते हैं, लेकिन उन्हें सारा दिन बाहर एंबुलेंस में ही धूप में बैठे रहना पड़ता है। इसके साथ ही अधिकारी जानबूझ कर एक्सपर्ट को भेजते हैं। यदि राम रहीम की भी बात करें तो उसे बीपी और शुगर की ही समस्या है। इसे कोई भी मेडिकल आफिसर देख सकता है।
सभी काम-धंधे बंद हो गए हैं
गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा के चक्कर में सुनारिया जेल के सभी काम-धंधे बंद हो गए हैं। जेल में डेरामुखी के आने के बाद से कैदियों से कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। जेल में न तो पेंटिंग तैयार की जा रही, न सिलाई केंद्र में महिला कैदी पहुंच रही हैं।
संगीत सिखाने का केंद्र और प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र भी बंद हैं। कैदियों को दिन भर बैरक के अंदर रखा जा रहा है। काम नहीं करने की वजह से कैदियों को मजदूरी भी नहीं मिल रही है। कैदियों के मनोरंजन के लिए कबड्डी, बास्केटबाल, वॉलीबाल, बैडमिंटन आदि प्रतियोगिताएं भी होती हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाते हैं। सभी बंद हैं।

Comments
Post a Comment